हम वो बादशाह नहीं जो ताज के मोह में जीते हैं,
मेरी हिम्मत को परखने की गुस्ताखी न करना
क्या बदमाशी शायरी सिर्फ दोस्तों के बीच की जाती है?
हमारी नफ़रत भी लोगों के लिए आज़ाब रहती है ⚡,
ਸਾਡੀ ਦੋਸਤੀ ਨੂੰ ਬਦਮਾਸ਼ੀ ਦਾ ਰੰਗ ਮਿਲਿਆ ਹੈ,
हम तो वहां खड़े होते हैं जहां किस्मत भी हार मान ले।
और जो दुश्मनी करे मुझसे, माँ कसम उसे छोड़ते more info नहीं!
अपनी दुष्टता के सूर्य को जितना ऊँचा चाहो चमकने दो
जो हमें रोकने की कोशिश करेगा, पछताएगा।
ਤੇ ਤੇਰੀ ਔਕਾਤ ਤੋਂ ਵੱਧ ਤਾਂ ਮੇਰੀ ਸਿਗਰਟ ਦੇ ਖਰਚੇ ਨੇ !!
ਤੇਰੀਆਂ ਯਾਦਾਂ ਵੀ ਯਾਦ ਕਰਕੇ ਰੋਈਆਂ ਰਹਿੰਦੀਆਂ….!
मेरा बुरा चाहने वालों समझ लो तुम्हारी मौत आई है..
बदमाश बनके जिओ दुनिया सलाम ठोक के जाएगी !!
हमने लोगों को उनके घमंड में गिरते देखा है